किसान आज डीजल, खाद और बढ़ती लागत के बीच बुरी तरह जूझ रहा है- सरकार बताए डीजल-खाद कहां है ? - रविन्द्र चौबे
हेमंत उमरे/ छत्तीसगढ़ की राजनीति में किसानों के मुद्दे पर एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। एक दिवसीय दौरे पर धमधा पहुंचे पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और खासतौर पर नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में चौबे ने कहा कि प्रदेश का किसान आज डीजल, खाद और बढ़ती लागत के बीच बुरी तरह जूझ रहा है, लेकिन सरकार जमीन की सच्चाई से दूर दिखाई दे रही है।
चौबे ने दावा किया कि रायपुर समेत बेमेतरा जिले के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी बनी हुई है। ऐसे समय में जब किसान खेतों की जुताई, मांदा और खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे हैं, डीजल संकट ने खेती को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसान को समय पर डीजल नहीं मिलेगा तो खेती कैसे होगी और उत्पादन कैसे बढ़ेगा?
भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए चौबे ने कहा कि कुछ नेताओं को खेती-किसानी की बुनियादी समझ तक नहीं है। खेतों में काम कब शुरू होता है, यह किसान जानता है, एयरकंडीशन कमरों में बैठकर खेती नहीं समझी जा सकती।
खाद संकट पर उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता है। चौबे ने आरोप लगाया कि जब खाद, डीजल, गैस जैसी जरूरी चीजों के लिए जनता परेशान हो, तब सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को किसानों और आम जनता के हित में तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, वरना आने वाले दिनों में किसानों का आक्रोश और बढ़ेगा।

