बच्चों की सेहत पर खतरा: दुर्ग समेत पूरे CG में 'भीम का मैंगो' आईस कैंडी बैन, लैब रिपोर्ट में फेल
दुर्ग, 22 जून 2026: गर्मी में बच्चों की पहली पसंद 'भीम का मैंगो' ग्रीन कलर आईस कैंडी अब आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस पैक्ड कैंडी को असुरक्षित बताते हुए दुर्ग समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है।
क्या है मामला?
खाद्य विभाग ने बाजार से 'भीम का मैंगो' आईस कैंडी का सैंपल लेकर रायपुर स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। लैब की रिपोर्ट में यह कैंडी खाने लायक नहीं पाई गई और इसे 'असुरक्षित' घोषित कर दिया गया।
रिपोर्ट आते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक ने तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित बैच नंबर की पूरी खेप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
विक्रेताओं को सख्त चेतावनी
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत विभाग ने दुर्ग जिले के सभी आईस कैंडी दुकानदारों और थोक विक्रेताओं को आदेश दिया है कि वे इस ब्रांड की कैंडी तुरंत हटाएं।
विभाग ने साफ कहा है कि अगर जांच के दौरान किसी दुकान पर 'भीम का मैंगो' आईस कैंडी बिकती मिली तो दुकानदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। जुर्माना और जेल दोनों हो सकती है।
पेरेंट्स ध्यान दें
प्रशासन ने आम लोगों और खासकर बच्चों के माता-पिता से अपील की है कि वे यह कैंडी बिल्कुल न खरीदें और न ही बच्चों को खाने दें। अगर आपके आसपास कोई दुकानदार चोरी-छिपे इसे बेच रहा है तो तुरंत खाद्य विभाग या प्रशासन को सूचना दें।
क्यों लगा बैन?
जांच में कैंडी मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाई गई है। यानी इसे खाने से सेहत खराब हो सकती है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पूरे प्रदेश में बैन लगाया गया है।


