विशाल हिन्दू सम्मेलन 2025 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन धमधा में हुआ सम्पन्न

हेमंत उमरे CG सच तक धमधा/ धमधा खण्ड में विश्व हिन्दू परिषद एवं सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन 2025 का आयोजन रविवार, 28 दिसंबर 2025 को श्री त्रिमूर्ति महामाया मंदिर प्रांगण में अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति का जागरण, हिन्दू समाज को संगठित करना तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई मोटरसाइकिल यात्रा से हुई, जिसके पश्चात पूजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। दोपहर 3:30 बजे से संतों एवं मुख्य वक्ताओं के प्रेरणादायक उद्बोधन हुए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम का संचालन श्री घनश्याम शर्मा जी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री दुष्यन्त साहू जी (जिला संगठन मंत्री, एबीवीपी) ने विशाल हिन्दू सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह सम्मेलन समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक जागरण एवं हिन्दू समाज के संगठन पर बल दिया। उन्होंने बताया कि हिन्दू समाज को एकत्रित करने एवं भारतीय विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने हेतु विश्व हिन्दू परिषद सहित विभिन्न संगठनों का गठन किया गया है, जो निरंतर राष्ट्र एवं समाज हित में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने स्व-परिवर्तन, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे पाँच प्रमुख विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इनका पालन प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में करना चाहिए। सरल एवं सहज शब्दों में इन विषयों को समझाकर उपस्थित जनसमूह को जागरूक किया गया।
मुख्य वक्ता श्रीमती मानसी गुलाटी जी (मातृ शक्ति, वक्ता – आरोग्य भारती, प्रांत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष – विश्व हिन्दू परिषद) ने अपने उद्बोधन में मातृशक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी बच्चे का प्रथम निर्माण उसकी माता से होता है। कुटुंब प्रबोधन में माताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि विद्या के साथ विनय का होना आवश्यक है। वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को आत्मसात करते हुए सभी को राष्ट्रहित में सेवा-भाव से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने सनातन धर्म में पर्यावरण को माता के रूप में पूजनीय बताते हुए उसकी रक्षा को हमारा कर्तव्य बताया तथा विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति पर शोध कार्य करने के लिए भी प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता श्री भारत जी महाराज (गौ प्रचारक) ने गौ-सम्मान विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गाय को माता इसलिए कहा जाता है क्योंकि उसके दुग्ध एवं पंचगव्य से मानव जीवन के अनेक संस्कार एवं स्वास्थ्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से गौ-सेवा एवं गौ-संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती, भोग-प्रसादी वितरण एवं जयघोष के साथ हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक श्री सामर्थ ताम्रकार एवं कोषाध्यक्ष श्री राजेश पटेल ने सम्मेलन को सफल बनाने हेतु सभी संतों, वक्ताओं, मातृशक्ति, युवाओं एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया।


